आनन्द संघ क्या है ?

आनन्द संघ, अनुभव द्वारा उत्पन्, इस विश्वास के लिए समर्पित है कि आप आनन्दमय जीवन जी सकतें हैं। हम वह तकनीक सिखातें हैं जो आपके स्वयं के बोध को प्रभावशाली तरह से विस्तारण करेंगी, जैसे, ध्यान, क्रिया योग, आध्यात्मिक हठ योग एवं दिव्य दोस्ती।

आनन्द संघ के बारे में और जाने।

हमारी प्रेरणा

पश्चिमी देशों में परमहंस योगानंद जी को योग और ध्यान के पिता माना जाता है। उनकी आत्मकथा ने एक आध्यात्मिक क्रांति को पूरे विश्व भर में जाग्रित और उत्साहित किया। तीन सौ से अधिक (प्रभावशाली आध्यात्मिक आदर्शों) ने जिनसे मैंने उनके आध्यात्मिक प्रभावक के बारे में पूछा, उनमें से अधिक प्रतिशत ने एक किताब का नाम लिया, और अधिकतर वर्णित किताब योगानंद जी की यह अनुपम संस्मरण थी।फिल गोल्डबर्ग, अमेरिकन वेद
Paramhansa Yogananda
परमहंस योगानंद (1893 – 1952), जोकि अधिकतर ‘ एक योगी की आत्मकथा ‘ के लेखक के रूप में जाने गयें हैं, पहले भारतीय गुरु थे जिन्होंने अमरीका को अपना स्थायी निवास बनाया। परमहंस योगानंद जी ने दर्शाया कि कैसे सभी लोग, ध्यान के माद्यम से, ईश्वर को अपने दैनिक जीवन में एक वास्तविक और प्रेमपूर्ण हकीकत के रूप में जान सकतें हैं। उन्होंने एक प्राचीन ध्यान की तकनीक सिखाई, जिसे क्रिया योग कहतें हैं, जिससे हम शीघ्र आत्म-बोध प्राप्त कर सकतें हैं। और जानिए।
“Swami
स्वामी क्रियानन्द (1926–2013), परमहंस योगानंद जी के प्रत्यक्ष शिष्य थे, और आनन्द संघ के विश्व व्यापक आंदोलन के संस्थापक थे। योगानंद जी के निवेदन अनुसार, स्वामी क्रियानन्द जी ने अपना जीवन प्रवचन देने और लिखने में समर्पित किया, और उन्होंने कई सौ संगीतों को रचा और 140 से अधिक किताबें लिखी है जिससे अनेक और लोग अपने भीतर आनन्द पा सकें।और जानिए।
“jyotish
स्वामी क्रियानन्द जी के 2013 में इस दुनिया से जाने के बाद, नयास्वामी ज्योतिष जी को क्रियानन्द जी द्वारा नियुक्त उनके आध्यात्मिक उत्तराधिकारी उपाधित किया गया। ज्योतिष जी स्वामी क्रियानन्द जी से 1966 में मिले थे। उन्होनें क्रियानन्द जी के साथ और अपनी धर्मपत्नी देवी जी (जोकि 1969 में आनन्द संघ आयीं) के साथ घनिष्ठ रूप से मेहनत कर, आनन्द संघ के कार्य का विश्व भर में निर्माण किया। नयास्वामी ज्योतिष और देवी क्रियानन्द जी द्वारा क्रियाचार्य उपाधित किये गयें हैं। वे दोनों परमहंस योगानंद जी के वंशावली द्वारा दी गयी प्राचीन मुक्तिदान करने वाली क्रिया योग की तकनीक का प्रचार करतें हैं। और जानिए।

ध्यान और क्रिया योग

ध्यान करना सीखिए

ध्यान स्वयं के विकास की तकनीक है जिसका विश्व भर में हज़ारों सालों से अभ्यास किया गया है, और वह दोहराने योग्य परिणाम देती हैं। आपके जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं है जिसको ध्यान के माध्यम से बेहतर नहीं बनाया जा सकता, चाहे वह व्यापार हो, रिश्ते, या स्वास्थ्य। लेकिन ध्यान का उच्तम उद्देश्य अपने परमात्मा को जानना है।


क्रिया योग

क्रिया योग शक्ति और श्वास -नियमित करने वाली, मतलब प्राणायाम की, प्राचीन तकनीक है। यह एक व्यापक आध्यात्मिक पथ भी है, जिसमे शामिल हैं ध्यान का अभ्यास और जीवन के लिए निर्देशन।
क्रिया योग की तकनीक दीक्षा द्वारा हमारे एक क्रिया योग के आचार्य के माद्यम से दी जाती है। दीक्षा लेने के लिए तैयारी निश्चित है, जिसमे शामिल हैं और दूसरीं ध्यान की तकनीकों का अभ्यास और परमहंस योगानंद जी की शिक्षाओं का अध्ययन।
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हमसे जुड़ें

चलो दोस्तों हम साथ में जुड़ें इस सामाजिक बदलाव के लिए, और हमारे ध्यान के अभ्यास से विश्वव्यापी एकता की भावना की रचना करें जोकि स्थायी शान्ति प्रदान करेगी। – नयास्वामी देवी नयास्वामी देवी

ऑनलाइन जुड़ें

आनन्द संघ इंटरनेट पर प्रेरणा और आध्यात्मिक सहायता उपलब्द करता है जैसे कि अनुच्छेद, वीडियो, भाषण, संगीत और विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रम, जिनमे शामिल हैं क्रिया योग गृह अध्ययन पाठ्यक्रम। अगर आप हमारे किसी ध्यान मंडली से दूर रहतें हैं, फिर भी आप हमसे जुड़े रहें और अपने भीतर के आनन्द को अनुभव करें।


हमसे आकर मिलें

आनन्द के अनेक केंद्र और ध्यान मंडलियाँ 45 से अधिक देशों में हैं जोकि साथ में बैठकर ध्यान करने के मौके और ध्यान के बारे शिक्षा देतें हैं।
आनन्द संघ भारत के केंद्र और ध्यान मंडलियाँ ।