आनन्द संघ क्या है?

आनन्द संघ एक विश्वव्यापी आध्यात्मिक आंदोलन हैं । आनन्द संघ एक विश्वव्यापी आध्यात्मिक आंदोलन हैं, जोकि परमहंस योगानंद जी की शिक्षाओं पर आधारित है। परमहंस योगानंद जी प्रतिष्ठित आध्यात्मिक किताब ‘एक योगी की आत्मकथा’ के लेखक हैं। उन्होंने हमे दर्शाया कि कैसे सभी लोग ईश्वर को अपने दैनिक जीवन में एक वास्तविक और प्रेमपूर्वक हकीकत के रूप में जान सकतें हैं। आध्यात्मिक हठ योग, समुदाय, दिव्य दोस्ती, ध्यान और क्रिया योग जैसी प्राचीन प्रभावशाली तकनीकों से आप अपने जीवन में शांति, एवं ईश्वर की सक्रिय मौजूदगी को महसूस कर सकतें हैं। क्रिया योग एक अत्यधिक प्रभावशाली ध्यान की तकनीक है जिसे किसी भी ध्यान और प्रार्थना की साधना में सम्मिलित किया जा सकता है।

आनन्द संघ की स्थापना 1969 में अमरीका के कैलिफ़ोर्निया राज्य में हुई। आनन्द संघ के संस्थापक स्वामी क्रियानन्द, परमहंस योगानंद जी के प्रत्यक्ष शिष्य थे। स्वामी क्रियानन्द जी नें 2013 में अपना शरीर त्याग दिया। पाठ्यक्रमों, समुदायों, ध्यान मंडलियों, एकान्तवासों एवं अन्य प्रचार के कार्यक्रमों के द्वारा आनन्द संघ सत्य की खोज में लगे भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक सरोवर है, जोकि परमहंस योगानंद जी की आत्मबोध की शिक्षाओं और आध्यात्मिक सोच वालों के साथ सत्संग द्वारा भक्तों की आध्यात्मिक प्यास को बुझा सकता है।
स्वामी क्रियानन्द जी ने भारत में आनन्द संघ के कार्य का भविष्य उज्जवल पहचान लिया था: क्रिया योग के प्रचार के आलावा, विभिन्न परियोजनाओं में से कईं थे, स्कूल जोकि बच्चों को संपूर्ण रूप से शिक्षित करे, ब्रह्मचर्य मठ, वृद्ध आश्रम आदि।

आध्यात्मिक निर्देशक

स्वामी क्रियानन्द जी 2003 से लेकर 2013 में उनके इस दुनिया से जाने तक भारत में रहे। नयास्वामी ज्योतिष, जोकि स्वामी क्रियानन्द जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी है, अब वे आनन्द संघ के धर्माचार्य हैं। वे और उनकीं धर्मपत्नी, नयास्वामी देवी, अब आनन्द संघ के आध्यात्मिक निर्देशकों के रूप में सेवा करतें हैं और हर साल अमरीका, यूरोप एवं भारत में यात्रा कर जिज्ञासुओं को आध्यात्मिक सलाह देतें है और आनन्द संघ के मंडलियों का मार्ग दर्शन करते हैं। भारत में आनन्द संघ के कार्य के सह-निर्देशक नयास्वामी जया एवं नयास्वामी ध्याना हैं। 

नयास्वामी जया और नयास्वामी ध्याना

नयास्वामी ज्योतिष और नयास्वामी देवी

सभी का स्वागत 

आनन्द संघ सभी को आत्मबोध प्राप्त करने के लिए सहायता देता हैं। आत्मबोध ऐसी चेतना है जोकि सभी अहंकार बढ़ाने वालीं स्वयं की परिभाषाओं से मुक्त होने पर प्राप्त होती हैं। आनन्द संघ के आध्यात्मिक समुदाय और मंडलियाँ सभी भक्तों को स्वागत करते हैं, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म, देश, लिंग, उम्र के हों या किसी विकलांगता से पीड़ित हों। हम सब को एक आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करने के लिए समर्पित हैं जिससे सब ईश्वर को पाने के लिए प्रयास करें।
हम आपको हमारे प्रार्थना स्थलों, योग एकांतवासों, ध्यान मंडलिओं और समुदायों पर आमंत्रित करतें हैं।आनन्द संघ प्रेरणा भी उपलब्द करता हैं जैसे कि अनुच्छेद, वीडियो, भाषण, संगीत और विभिन्न इंटरनेट पर प्रस्तुत पाठ्यक्रम, जिनमे शामिल हैं क्रिया योग गृह अध्ययन पाठ्यक्रम। अगर आप हमारे किसी ध्यान मंडली से दूर रहतें हैं, फिर भी आप हमसे जुड़े रहें और अपने भीतर के आनन्द का अनुभव करें।